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देहरादून। देहरादून में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। पुलिस ने यह खुलासा करते हुए बताया कि हत्याकांड को पुरानी रंजिश और रेलवे के ठेके के लिए झारखंड के एक गिरोह ने अंजाम दिया था।

एसएसपी (एसटीएफ) अजय सिंह और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर बताया कि विक्रम की हत्या के पीछे मुख्य रूप से दो कारण सामने आए हैं। एक तो झारखंड में उस के जेल में रहने के दौरान हुई रंजिश और दूसरा रेलवे में फूड सप्लाई के ठेका का मुद्दा। सिंह ने बताया कि वारदात को झारखंड के कुख्यात गणेश सिंह गिरोह के गुर्गों द्वारा अंजाम देने की बात सामने आई है। हालांकि, विक्रम के चेले और झारखंड के बड़े माफिया अखिलेश गैंग की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

डोबाल ने बताया, हत्यारों ने करीब छह महीने रेकी करने के बाद विक्रम की हत्या को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में आठ आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। साथ ही हत्यारों को फरारी के लिए गाड़ी उपलब्ध कराने और छिपने का ठिकाना देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी का छात्र मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर और एक ठेकेदार यशराज का पिता राजकुमार शामिल हैं।
मोहित को ग्रेटर नोएडा और यशराज को जमशेदपुर से पकड़ा गया। इसके अलावा शूटिंग का मुख्य आरोपी आशुतोष, विशाल व उनके चार अन्य साथी फरार हैं। इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

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