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रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद में एक बार फिर से बाल विवाह का मामला सामने आया है, जिसे प्रशासन की सक्रियता से रोक दिया गया है। जखोली के एक गांव में रात को बारात भी पहुंच गई थी, किंतु इससे पहले प्रशासन के निर्देशों पर संबंधित विभागों ने नाबालिग दुल्हन को ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। बालिका को वधू बनने और विवाह को रोक दिया गया।

 

बीते दिन अपराह्न करीब 3 बजे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिली कि जखोली ब्लॉक के ग्राम जखनोली में एक नाबालिग लड़की की शादी होने जा रही है। बारात पौड़ी जिले के कोटद्वार से पहुंचने गांव पहुंचने वाली है। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक सुरेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र को दी। डॉ. मिश्र के निर्देशन में तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम गठित की गई जबकि पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया।

 

टीम शाम करीब 7 बजे पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और सख्ती से कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को रुकवा दिया। बताया गया कि ग्राम रामणी, पोस्ट स्यालिंगा कोटद्वार, पौड़ी से आई बारात को रात करीब 10 बजे बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

 

टीम ने दोनों पक्षों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बालिग होने से पहले विवाह कराने की किसी भी कोशिश पर संबंधित पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करीब तीन घंटे की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने लिखित सहमति दी कि बालिका की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही की जाएगी। चाइल्ड हेल्पलाइन से परियोजना समन्वयक सुरेंद्र रावत, जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी अरविंद सिंह, जिला बाल कल्याण समिति से सदस्य गीता मलासी व पूजा त्रिवेदी तथा पुलिस विभाग से सोमवीर सिंह, संतोष गुसाई और अनिल सिंह शामिल थे।

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