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हल्द्वानी। हल्द्वानी के लामाचौड़ में अवैध तरीके से संचालित नशा मुक्ति केंद्र से अस्पताल में भर्ती किए गए 17 साल के नाबालिग ने दम तोड़ दिया। वह 15 दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर था। इससे पहले पुलिस प्रशासन ने गैरकानूनी तरीके से चल रहे केंद्र को बंद करवा दिया था और संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

 

मुखानी कोतवाली क्षेत्र के बिठौरिया निवासी निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि उसका 17 साल का बेटा सूखे नशे का आदी हो चुका था। जिस कारण दो महीने पहले बेटे को लामाचौड़ स्थित संकल्प नशा मुक्ति समिति केंद्र में भर्ती कराया था। आरोप है कि 21 अप्रैल को जब वह बेटे से मिलने पहुंचीं तो उसकी हालत सामान्य थी, पर 24 अप्रैल की शाम एकाएक केंद्र से कॉल आया कि उनके बेटे की हालत गंभीर है। उसे एसटीएच में भर्ती कराया गया है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां सिर्फ उनका बेटा वार्ड में भर्ती था। जबकि केंद्र का कोई कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था। चिकित्सकों की जांच में किशोर के लीवर और किडनी पर नशे के कारण गहरा असर पाया गया था। हालत नाजुक होने पर नााबलिग को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां 15 दिन उसका उपचार चला। गुरुवार रात नाबालिग ने दम तोड़ दिया। परिजनों की तहरीर पर पहले ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग निरीक्षण के बाद नशा मुक्ति केंद्र को बंद करवा चुके हैं। संकल्प नशा मुक्ति केंद्र समिति की संचालिका लामाचौड़ निवासी आयुषी कपिल के खिलाफ एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

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