ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी। हल्द्वानी शहर के नजदीक फतेहपुर रेंज के पनियाली जंगल में लापता हुई महिला का शव बरामद होने से क्षेत्र में दहशत है। जंगल में पहले महिला की चप्पल, दराती, कपड़े और खून के निशान मिले थे, जिसके बाद बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही थी। सर्च अभियान के दौरान महिला का क्षत-विक्षत शव जंगल के अंदर से बरामद हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला कमला फर्त्याल रोज की तरह जंगल में घास और लकड़ी लेने गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की तो जंगल में उसकी चप्पल, दराती और कपड़े बिखरे मिले। आसपास खून के धब्बे पाए गए, जिससे जंगली जानवर के हमले की आशंका गहरा गई।
बताया जा रहा है कि बाघ ने महिला के शरीर को बुरी तरह नोच डाला था और आधा हिस्सा खाया हुआ मिला। घटना की सूचना के बाद वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीण खुद ही जंगल में सर्च अभियान में जुट गए और कई घंटों की मशक्कत के बाद महिला का शव बरामद किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्गम क्षेत्र होने के कारण ग्रामीणों ने शव को डंडे पर बांधकर जंगल से बाहर निकाला। इस दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गश्त बढ़ाने तथा आदमखोर बाघ को पकड की मांग की।
वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि प्राथमिक जांच में बाघ के हमले के संकेत मिले हैं। क्षेत्र में पिंजरा लगाने, कैमरा ट्रैप सक्रिय करने और गश्त बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों को संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है तथा आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने कहा कि पनियाली (फतेहपुर वन क्षेत्र) में श्रीमती कमला फ़र्त्याल को बाघ द्वारा मारा जाना अत्यंत दुःखद ही नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर विफलता है। इससे पहले गांधी आश्रम क्षेत्र में भी ऐसी घटना हो चुकी है। हर बार आश्वासन दिए जाते हैं, पर कार्रवाई शून्य रहती है।

आखिर कब तक हमारे क्षेत्रवासी बाघ और गुलदार का शिकार बनते रहेंगे? क्या सरकार केवल घटनाओं के बाद बयान देने तक सीमित है? देर रात नाराज लोगों ने शव लेकर वन विभाग चौकी पर प्रदर्शन किया।

स्पष्ट चेतावनी है यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई कर आदमखोर को पकड़ा या समाप्त नहीं किया गया, तो वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय, फतेहपुर में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page