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देहरादून। उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने निर्माण और आईटी सेक्टर की सात फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अब 4.75 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी जा चुकी है। साथ ही 1.10 करोड़ रुपये का जीएसटी भी जमा करवाया गया है।

राज्य कर आयुक्त सोनिका ने बताया कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले में सात फर्मों पर 22 अफसरों के नेतृत्व में 10 अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की है। यह कार्रवाई देहरादून, हल्द्वानी, रुड़की, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल स्थित फर्मों पर की गई। ज्यादातर फर्में अपने घोषित व्यापारिक स्थल पर मौजूद नहीं मिलीं।
ये सभी फर्में बिना माल सप्लाई के ही फर्जी बिल बनाकर जीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले रही थीं। इसके लिए फर्जी ई-वे बिल बनवाए गए थे। जिन वाहनों से माल का ढुलान दर्ज कराया गया है, वह ई-वे बिल की तिथि पर संबंधित रूट के टोल प्लाजा से गुजरे ही नहीं थे। साथ ही जिस स्थान से माल सप्लाई होना बताया जा रहा था, वहां पर फर्मों का कोई व्यापारिक स्थल ही नहीं मिला। मामले की जांच में फॉरेंसिक टीमों की भी मदद ली जा रही है। राज्य कर आयुक्त का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद धोखाधड़ी का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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