
नैनीताल। हाईकोर्ट ने काशीपुर के किसान की आत्महत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग पर सुनवाई की। मामले में न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी और राज्य सरकार से वर्तमान स्थिति से अवगत कराने को आज यानी शुक्रवार तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बीते दिनों देर रात हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने फेसबुक पर लाइव आकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। किसान ने ऊधमसिंह नगर के एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी आरोप लगाए थे।
सुखवंत ने आरोप लगाया था कि जमीन से जुड़े एक मामले में उनके साथ धोखाधड़ी हुई और उनसे करीब चार करोड़ रुपये ठग लिए गए। इस संबंध में बार-बार पुलिस को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें डराया और धमकाया गया। घटना के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर काशीपुर के थाना आईटीआई में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें अमरजीत सिंह, दिव्या, रवींद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महिपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेन्द्र, राजेंद्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह बक्सौरा, बिजेंद्र, पूजा और जहीर शामिल हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें गलत फंसाया गया है। दलील दी कि यह मामला दो पक्षों के बीच भूमि से जुड़े विवाद का है और किसान की ओर से आत्महत्या करने के आधार पर उनकी गिरफ्तारी अनुचित होगी। उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया।

