
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार की एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एक कलेक्शन एजेंट पर 55 महिलाओं से वसूली गई लोन की किस्त हड़पने का आरोप लगा है। कुल 1.13 लाख रुपये के गबन मामले में कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर क्षेत्र की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बहादराबाद क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराती है। इस कंपनी के एरिया मैनेजर जागेश कुमार ने आरोप लगाया कि कलेक्शन एजेंट अंकित ने मई 2025 के दौरान 55 महिला ग्राहकों से कुल 1,13,737 रुपये की किस्तें वसूलीं, पर यह रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई। आंतरिक जांच में खुलासे के बाद यह नुकसान सामने आया। आरोप है कि रकम जमा कराने के लिए कहने पर एजेंट बहाने बनाता रहा। 15 मई 2025 को जब कंपनी प्रतिनिधि उसके मुजफ्फरनगर स्थित घर पहुंचे, तो उसने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने गांव के कुछ लोगों को बुलाकर कंपनी प्रतिनिधियों को जानकारी दी।
आरोप है कि इस मामले में पहले कोतवाली ज्वालापुर और एसएसपी कार्यालय में शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कोर्ट की शरण ली गई। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।
भूपतवाला के आचार्य बेला इंडिया टैम्पल के पूर्व प्रबंधक बाल संत स्वामी गोपालाचार्य ने एक पदाधिकारी पर संपत्ति खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया है। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

