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हल्द्वानी। दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव “धरोहर” ने एक बार फिर अपनी जीवंत छटा बिखेरी

इस वर्ष कार्यक्रम में महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला गया, जिसमें इसकी परंपराओं, कलात्मकता और लोकाचार का प्रदर्शन किया गया।
यह कार्यक्रम भारत में विभिन्न संस्कृतियों के समामेलन को प्रदर्शित करने और भारत की विशेषता — विविधता में एकता — को उजागर करने के साथ-साथ इसके विभिन्न राज्यों में निहित सांस्कृतिक समृद्धि का जश्न मनाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

कार्यक्रम की टैगलाइन ‘महाराष्ट्र – असीमित’ थी, जिसमें राज्य के ऐतिहासिक योगदान, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिकता के साथ इसके प्रगतिशील दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया।

एमबी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डी के पंत ने इस अवसर पर सम्मानित मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरव प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई, जिसमें पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियाँ शामिल थीं — जैसे लावणी, दही हांडी नृत्य, गणपति वंदना , गणपति विसर्जन नृत्य आदि — जिन्होंने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर दिया। राज्य की समृद्ध विरासत को दर्शाने के लिए विभिन्न स्टाल लगाए गए, जिनमें वारली कला, पंढरपुरी वेशभूषा, मराठी व्यंजन, और हस्तशिल्प शामिल थे। माता-पिता और छात्रों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर उत्सव का आनंद उठाया।

कार्यक्रम का समापन प्रो-वाइस चेयरमैन, विवेक अग्रवाल द्वारा हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने “धरोहर” को संस्कृति और विरासत का एक यादगार उत्सव बनाने में सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

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