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हरिद्वार। मंगलौर के गायत्री एंक्लेव में दो वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन की टीम ने जिलाधिकारी के निर्देश पर बच्ची के शव को श्मशान की भूमि से बाहर निकाला। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गोपालपुर गांव निवासी एक परिवार काफी समय से गायत्री इन्कलेव में रह रहा है। परिवार की दो वर्षीय बेटी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने बच्ची के शव को अपने पैतृक गांव में दफना दिया था। इसके बाद आवास पर पहुंचकर उन्होंने घर की सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक पड़ोसी किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता दिखाई दिया। इसके बाद परिजनों को संदेह हुआ। बच्ची की मां अंजू देवी ने जिलाधिकारी और मंगलौर पुलिस को पत्र देकर हत्या की आशंका जताई और शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिलाधिकारी हरिद्वार ने तहसीलदार विकास अवस्थी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार विकास अवस्थी, कानूनगो आदेश कुमार और पुलिस टीम के साथ गोपालपुर गांव पहुंचे। वहां, ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में श्मशान की भूमि से बच्ची के शव को बाहर निकालकर पीएम के लिए भेज दिया।
मंगलवार की मासूम की मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन दिल में एक कसक थी। फिर सीसीटीवी फुटेज ने उस कसक को शक में बदल दिया। फुटेज में पड़ोसी किशोर दिखा जिसकी हरकतें सामान्य नहीं थीं। कैमरे की फुटेज में दिखा कि जब बच्ची कमरे में अकेली थी उस दौरान एक संदिग्ध किशोर सीढ़ियों से होकर कमरे की ओर जाता दिखाई दे रहा है। मां ने जिलाधिकारी और पुलिस को पत्र लिखा। उसकी सिर्फ एक पुकार थी मेरी बेटी का सच सामने आए।

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