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नई दिल्ली। दिल्ली के महरौली इलाके में एक फार्महाउस के सेप्टिक टैंक में मिले शव की गुत्थी सुलझ गई है। मृतक की पहचान फार्महाउस में केयरटेकर के रूप में काम कर रहे 42 वर्षीय सीताराम के रूप में हुई है।

पुलिस ने उसके सहकर्मी और फार्महाउस में ही काम करने वाले 47 वर्षीय कार चालक चंद्र प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने मामूली पैसों के विवाद में उसकी हत्या कर दी। डीसीपी अंकित चौहान के अनुसार, चंद्र प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि वह सीताराम से 10 हजार रुपये उधार मांग रहा था। जब सीताराम ने देने से इनकार किया, तो उसने गुस्से में आकर फार्महाउस में रखे हथौड़े से उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को सेप्टिक टैंक में डाल दिया। सीताराम उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के केके बाजार गांव का रहने वाला था और फार्महाउस में ही रहता था। उसके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं, जो गांव में रहते हैं। वहीं आरोपी चंद्र प्रकाश उत्तराखंड के अल्मोड़ा का निवासी है। घटना का खुलासा तब हुआ जब फार्महाउस में काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी कमलेश उर्फ पलटू ने महरौली थाने में सीताराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि सीताराम अचानक गायब हो गया है और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। जांच में पुलिस ने मोबाइल की अंतिम लोकेशन फार्महाउस में ही पाई। थाना महरौली के एसएचओ संजय सिंह के नेतृत्व में टीम फार्महाउस पहुंची और तलाशी शुरू की। एक कोने में मौजूद सेप्टिक टैंक से बदबू आने पर उसे खोला गया, जिसमें सीताराम का शव मिला। इसके बाद क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस ने फार्महाउस में पिछले दो दिन में आने-जाने वाले सभी लोगों की जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि ड्राइवर चंद्र प्रकाश भी अचानक गायब है और उसका फोन बंद है। पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क कर दूसरा नंबर लिया और लोकेशन ट्रैक कर पालम इलाके से उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने हत्या की बात कबूल ली। पकड़ा गया आरोपी चंद्र प्रकाश उत्तराखंड के अल्मोड़ा का निवासी है।

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