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पौड़ी। पौड़ी में विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपनी बेटी के दुराचार के दोषी पिता को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। राजस्व पुलिस ने सतपुली थाना क्षेत्र के इस मामले में पीड़िता के बयान पर 17 सितंबर 2022 को केस दर्ज किया था।

विशेष लोक अभियोजक पोक्सो विजेंद्र सिंह रावत ने बताया, नाबालिग के पेट में दर्द की शिकायत पर पिता उसे अस्पताल ले गया। जांच में पता चला कि नाबालिग चार माह की गर्भवती है। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी राजस्व पुलिस को दे दी। राजस्व पुलिस ने मौके पर आकर नाबालिग के बयान लिए। नाबालिग ने बताया कि वह घर पर पिता के साथ अकेली रहती है। पिता ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। पिता के पीटने की डर से उसने किसी को इस बारे में नहीं बताया।

मामले में सुनवाई के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश अजय चौधरी की कोर्ट ने पिता को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। साथ ही प्रदेश सरकार को नाबालिग के पुनर्वास को सात लाख रुपये प्रतिकर राशि के रूप देने के आदेश भी दिए।

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