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काशीपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कोर्ट कर्मी की हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार का अर्थदंड भी किया है।

कुंडा थाना पुलिस ने 15 जनवरी, 2019 को ज्वाल्पा पेट्रोल पंप के पास से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक की शिनाख्त सरवरखेड़ा निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई। वह ऊधमसिंहनगर जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मी था। मृतक के फुफेरे भाई जसपुर खुर्द निवासी दुष्पाल सिंह ने हत्या का केस दर्ज कराया था। 17 जनवरी, 2019 को पुलिस ने मृतक की पत्नी रजनी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सरवरखेड़ा निवासी नफीस उर्फ बबलू पुत्र शरीफ से रजनी के प्रेम संबंध थे। नफीस आंध्र प्रदेश के मल्हौर में एक ब्यूटी पार्लर पर बार्बर था। नफीस ने महेशपुरा निवासी फैक्ट्री कर्मी संजय कुमार पुत्र जेठन सिंह को डेढ़ लाख रुपये का लालच देकर हत्या की योजना में शामिल कर लिया था। हत्या को दुघर्टना का रूप देने को उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया था। तत्कालीन थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रतन सिंह कांबोज ने की। संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर प्रथम एडीजे रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने तीनों आरोपियों नफीस, रजनी व संजय कुमार को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य छिपाने के आरोप में उन्हें सात-सात साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।

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