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हल्द्वानी। गर्मी के मौसम को देखते हुये कुमाऊं मण्डल में पेयजल की समस्या के सम्बन्ध में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कैम्प कार्यालय में मण्डल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दिये दिशा-निर्देश।
आयुक्त ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों मे होटलों एवं रिसोर्ट में बोरिंग की अनुमति हेतु मानकों का पालन किया जाए साथ जिन लोगों द्वारा प्राइवेट बोरिंग की अनुमति प्राप्त होती उस क्षेत्र के लोगों के लिए एक-एक नल के द्वारा ग्रामीणों को भी पानी उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा बिना एनओसी के बने बोरिंग पर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा ग्रामवासियों को पेयजल के लिए प्राथमिकता दी जाए।
शिप्रा नदी में भवाली नगर पालिका द्वारा नदी में कंकरीट बनाने से भवाली नलकूप में रिचार्ज में काफी कमी आने पर भवाली शहर में पानी की किल्लत को देखते हुये आयुक्त ने जलसंस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि जहां भी लीकेज की समस्या है प्राथमिकता के साथ लीकेज को ठीक किया जाए। उन्हांने कहा कि गर्मी में पेयजल की किल्लत को देखते हुये लीकेज के कारण काफी पानी बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लीकेज की समस्या है अधिकारी तत्परता से निदान करना सुनिश्चित करें। उन्हांने कहा पर्वतीय क्षेत्रों में जिन होटलों एवं कामर्शिलय संस्थानों में घरेलू कनेक्शन दिये गये हैं जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा होटलों एवं कामर्शियल संस्थानों को कामर्शिलय कनेक्शन ही दिये जांए। उन्होंने कहा जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत है वहां लोगों को टैंकरों के द्वारा नियमित पानी उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में आयुक्त ने जनपद पिथौरागढ, अल्मोडा, चम्पावत, बागेश्वर, नैनीताल, उधमसिंह नगर के अधीक्षण अभियंता जलसंस्थान एवं जलनिगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर पेयजल की व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिये। ताकि आम जनमानस को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।
बैठक में अधीक्षण अभिंयता विशाल सक्सेना, प्रियदर्शन सिंह रावत के साथ ही सभी जनपदों के अधिकारी मौजूद थे।

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