ख़बर शेयर करें -

विरोध- सीधी भर्ती निरस्त कर पदों को विभागीय पदोन्नति भरे जाने की मांग उठी

देहरादून। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में फोरमैन के पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा निकाली गई भर्ती का उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आर पी जोशी ने कड़ा विरोध किया है । संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जोशी के अनुसार आईटीआई में तैनात अनुदेशक संवर्ग विगत कई वर्षों से फोरमैन के पदों को 100% विभागीय पदोन्नति से ही भरने की मांग करते आ रहे हैं। अगस्त 2021 में तत्कालीन निदेशक एवं वर्तमान में सचिव विजय कुमार यादव से सहमति भी बनी थी और इसका लिखित कार्यवृत्त भी जारी हुआ था।

इसके बाद नवनियुक्त निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने भी सितंबर 2021 को 100% विभागीय पदोन्नति पर अपनी सहमति प्रदान की थी। किंतु विभाग के अधिकारियों ने नियमावली को बनाने में हीला हवाली की। नतीजतन, विभाग के 20% फोरमैन के पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की विज्ञप्ति जारी कर दी गई है ।

जोशी के अनुसार विभाग में लगभग 400 नियमित अनुदेशक तैनात हैं, और अगला पदोन्नति का पद कार्यदेशक है। जिसके लगभग 80% पदों अर्थात 153 पदों को ही पदोन्नति से भरा जाता है । इसका दुष्परिणाम यह होता है कि विभाग के आधे से अधिक अनुदेशक बगैर एक भी पदोन्नति प्राप्त किए ही अपने मूल पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

जोशी ने कहा कि उक्त विज्ञप्ति के जारी होने से विभाग में कार्यरत अनुदेशकों के मनोबल पर गहरा प्रभाव पड़ेगा । जोशी ने विभाग एवं शासन से कार्यदेशक के पदों पर आयोग से हो रही सीधी भर्ती को तत्काल निरस्त करने एवं उक्त पदों को 100% विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाने की पुरजोर मांग की है ।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page