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ऋषिकेश। रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 28 सुरंगों का 70 फीसदी काम पूरा कर लिया है। वर्ष 2025 में सभी टनल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निगम ने रखा है।
हरिद्वार बाइपास मार्ग स्थित निगम कार्यालय में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत सिंह यादव ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति साझा कर बताया कि 125 किलोमीटर रेलवे ट्रैक परियोजना को पूरा करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। 60 किलोमीटर में सुरंगों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जबकि, बाकी हिस्से में भी युद्धस्तर पर निर्माण जारी है। 16 रेलवे पुलों में से भी चार बनकर तैयार हो गए हैं। श्रीनगर, गौचर और कलेश्वर-सिवाई में रेलवे स्टेशन को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने को मोटर ब्रिज बन चुके हैं।

चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि परियोजना हिमालय क्षेत्र में है, तो इसकी भू-गर्भीय संरचनाओं में हर दूरी पर बदलती रही है। जोकि निर्माण में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बावजूद निगम के इंजीनियर हर बाधा को दूर का सुरक्षित टनल निर्माण के लिए तेजी से काम में जुटे हैं। साल 2025 में सभी सुरंगों का निर्माण पूरा कर 2026 में लोगों को कर्णप्रयाग तक रेल सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। वार्ता में निगम के जीएम हेमेंद्र कुमार, एजीएम ओमप्रकाश मालगुडी, अजय कुमार, पामीर अरोड़ा आदि शामिल रहे।
आरवीएनएल ने रेल परियोजना के लिए टनल के निर्माण के दौरान निकलने वाले पानी का ट्रीटमेंट कर उसे शुद्ध कर नदियों में प्रवाहित करने निर्देश दिए हैं, जिसके लिए हर निर्माण एजेंसी को टनल के पास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत यादव के मुताबिक कुछ टनल पर प्लांट लग चुके हैं, कुछ पर काम बाकी है। निर्धारित वक्त में प्लांट एजेंसी नहीं लगाती है, तो उसपर न सिर्फ पेनल्टी बल्कि अन्य कानूनी कार्रवाई पर भी निगम विचार करेगा। प्लांट निर्माण होने तक सुरंगों से निकलने वाले पानी को स्टोर करने के लिए भी कहा गया है। य् पर्यावरण संरक्षण को कदम उठाया है।

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