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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय जल्दी ही मानवाधिकार पर परास्नातक कार्यक्रम प्रारंभ करेगा।
मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय विधि विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में मानवाधिकार पर दो वर्षीय परास्नातक कार्यक्रम के पाठ्यक्रम को संस्तुति प्रदान की गई। बैठक में कुमाऊं विश्वविद्यालय राजनीतिशास्त्र विभाग से प्रो. नीता बोरा शर्मा, एस. एस. जीना विश्वविद्यालय विधि विभाग से प्रो.डी के भट्ट, एच.एन.बी. गड़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व प्राचार्य और और हिमालयन विश्वविद्यालय देहरादून के पूर्व कुलपति प्रो जे.पी.पौचौरी ,उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय मानवाधिकार विभाग के हेड ऑफ स्कूल डॉ. कमल देवलाल और विभाग के समन्वयक
डॉ. दीपांकुर जोशी ने प्रतिभाग किया
डॉ. दीपांकुर जोशी ने बताया कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हो जाएगा जो मानवाधिकार पर परास्नातक कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। प्रदेश और देशभर के लाखों विधार्थी इस कार्यक्रम के संचालित होने से लाभान्वित होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ओपीएस नेगी ने कार्यक्रम के जल्दी ही प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभाग को बधाई दी है।

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